Tuesday, September 22, 2026
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सेक्स रेश्यो में देहरादून ने देश को पछाड़ा—राष्ट्रीय औसत 937 के मुकाबले जिले का अनुपात 968, बेटी बचाओ योजना की सफलता का प्रमाण।



सेक्स रेश्यो में देहरादून ने देश को पछाड़ा—राष्ट्रीय औसत 937 के मुकाबले जिले का अनुपात 968, बेटी बचाओ योजना की सफलता का प्रमाण।

 

 

 

 

 

जिलाधिकारी सविन बंसल ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत गठित जिला टास्कफोर्स समिति की बैठक ली। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए टास्क फोर्स के प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान करते हुए बेटियों के उन्नति और उत्थान के लिए प्रभावशाली योजनाओं पर कार्य करने पर जोर दिया।

 

जिलाधिकारी ने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बालिकाओं के स्वर्णिम भविष्य के लिए प्रभावशाली योजनाआंें और नए प्रयास किए जाए। कहा कि बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा बहुत आवश्यक है। इसके लिए घर-घर सर्वे करते हुए ड्रापआउट बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ा जाए। ऐसी बेटियां जो आगे पढ़ना चाहती है लेकिन आर्थिक परिस्थितियों के चलते अपनी पढ़ाई जारी रखने में सक्षम नहीं है, उन बालिकाओं को नंदा सुनंदा प्राजेक्ट के तहत लाभान्वित किया जाए। ऐसे विद्यालय जिनमें बालिकाओं की शिक्षा का परिणाम अच्छा रहा हो उन विद्यालयों को सम्मानित किया जाए। डीएम ने कहा कि बालिकाओं के उत्थान हेतु जिला रायफल क्लब फंड से भी आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस दौरान उन्होंने बालिकाओं के प्रगति के लिए टास्क फोर्स से सुझाव भी मांगे।

 

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि बहुउदेशीय शिविरों के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा, कार्य स्थल पर महिला यौन उत्पीडन निवारण अधिनियम की जानकारी देकर जागरूकता लाई जाए। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं संदेश और बालिकाओं के कल्याणार्थ संचालित योजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार करें। डीएम ने कहा कि ऐसी बालिकाएं जिन्होंने सफलता हासिल की है, उनकी कहानी आकाशवाणी एवं अन्य माध्यम से पब्लिक में साझा की जाए। ताकि अधिक से अधिक बालिकाएं इससे प्रेरित हो सके।

 

बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं के अंतर्गत 11वीं और 12वीं कक्षा की छात्राओं को सांइस सिटी, झाझरा, एफआरआई, देहरादून जू एवं अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थानों का शैक्षिक उन्नयन भ्रमण कराया जाए। परेड ग्राउंड, गांधी पार्क में प्रगतिशील बालिकाओं का शैक्षिक प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर करियर कांउसलिंग की जाए। किशोरी बालिकाओं के पोषण स्तर में सुधार, उनकी निरंतर वृद्वि निगरानी एवं पोषण संबंधी जानकारी देने के लिए ‘अवनी’ अभियान जारी रखने के निर्देश दिए।

 

जिलाधिकारी ने नंदा सुनंदा प्रोजेक्ट के अंतर्गत संशोधित नवीन कार्ययोजना क़ भी स्वीकृति प्रदान की। जिससे पहले जारी एसओपी को और भी सरल और सुगम बनाया गया है ताकि अधिक से अधिक गरीब, अनाथ, असहाय और विषम परिस्थितियों में रहने वाली बालिकाओं की मदद की जा सके। बालिका के परिवार के समस्त सदस्यों की आय का मूल्यांकन समय समय पर श्रम विभाग के अद्यतन शासनादेश के अनुसार करने को मंजूरी दी गई। बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी को भी नंदा सुनंदा समिति का सदस्य बनाया गया।

 

जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों से जिलाधिकारी को अवगत कराया। बताया कि देश में सेक्स रेश्यों 937 है। वही जनपद देहरादून में सेक्स रेश्यों 968 है। नंदा सुनंदा प्रोजेक्ट के तहत अब तक 38 बालिकाओं की पढ़ाई के लिए 13.06 लाख फीस जमा कराई गई है। महिलाओं में स्तन कैंसर की शीघ्र पहचान के लिए विभिन्न अस्पतालों के सहयोग से 613 महिलाओं की जांच कर लाभान्वित किया गया है। 520 बालिकाओं को स्वच्छता किट वितरित की गई। सीएसआर के अंतर्गत प्राप्त 800 हिमालय बेवी किट का नवजात बालिकाओं के माता पिता का वितरण किया गया। वही कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों को पौष्टिक तत्व युक्त 302 पोषण किट का वितरण किया गया। एनीमिया की निःशुल्क जांच हेतु 07 शिविर लगाए गए जिनमें 245 बालिकाओं को लाभान्वित किया गया।

 

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सीएमओ डॉ मनोज कुमार शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढ़ौडियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, सीओ रीना राठौर, एडीपीआरओ संजय बडोनी एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत सीडीपीओ मौजूद थे।

 

 

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