Tuesday, September 29, 2026
Homeउत्तराखंडआपसे निवेदन चार धाम यात्रा के दौरान पंजीकरण के समय मेडिकल हिस्ट्री...

आपसे निवेदन चार धाम यात्रा के दौरान पंजीकरण के समय मेडिकल हिस्ट्री न छुपाएं



पंजीकरण जरूर करवाएं चार धाम आने वाले श्रद्धालु, धामी सरकार की कोशिश प्रत्येक श्रद्धालु को मिले दर्शन का अवसर

सुगम व सुरक्षित यात्रा के लिए मुख्यमंत्री धामी कर रहे हैं लगातार मॉनिटरिंग

 

14 मई तक चारधामों में ऑनलाइन रूप से कुल 26 लाख 73 हजार 519 रजिस्ट्रेशन हुए

 

यात्रियों की स्वास्थ्य जांच के लिए ऋषिकेश में स्क्रीनिंग के इंतजाम के साथ ही पूछी जा रही है मेडिकल हिस्ट्री

श्रद्धालुओं की सुरक्षा धामी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता, यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जा रहा

आपसे निवेदन चार धाम यात्रा के दौरान पंजीकरण के समय मेडिकल हिस्ट्री न छुपाएं

पहले दिन, पिछले वर्ष की तुलना में कहीं अधिक संख्या में पहुँचे श्रद्धालु

बगैर रजिस्ट्रेशन यात्रा न करें श्रद्धालु, बिना रजिस्ट्रेशन वाले यात्रियों को ले जाने पर संबंधित वाहनों के परमिट भी होंगे सस्पेंड

गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने चारधामों में राज्य सरकार की ओर से की गई तैयारियों व व्यवस्थाओं को लेकर सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में सुगम व सुरक्षित यात्रा के संचालन के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हर श्रद्धालु को दर्शन का लाभ मिले। हमें इसी में संतुलन बनाकर चलना है कि श्रद्धालुओं की यात्रा भी सुरक्षित हो और उन्हें दर्शन का लाभ भी मिले।

गढ़वाल आयुक्त ने बताया कि चारधामों में 14 मई तक ऑनलाइन कुल 26 लाख 73 हजार 519 रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। गंगोत्री में 4 लाख 21 हजार 366, यमुनोत्री में 4 लाख 78 हजार 576, श्री बद्रीनाथ धाम में 9 लाख सात हजार 60 और केदारनाथ धाम में कुल 8 लाख 13 हजार 558 जबकि श्री हेमकुंड साहिब के लिए 59,312 पंजीकरण हो चुके हैं। इसके अलावा हरिद्वार एवं ऋषिकेश में 8 से 14 मई तक ऑफलाइन के माध्यम से कुल 1,42,641 पंजीकरण हुए हैं। उन्होंने बताया कि यमुनोत्री में 59,158, गंगोत्री में 51,378, केदारनाथ में 1,26,306 व बद्रीनाथ धाम में 39,574 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि यह देवभूमि उत्तराखंड का सौभाग्य है कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। इसके साथ-साथ कुछ चुनौतियां भी होती हैं, जिसके लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यमुनोत्री धाम में पांच किमी का रास्ता बेहद संकरा है और यहां पर एक समय में सीमित संख्या में ही लोग आवागमन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि गत वर्ष जब कपाट खुले थे तो कुल 6,838 श्रद्धालु आए थे जबकि इस वर्ष कपाट खुलने वाले दिन 12,193 यात्री आये। इसी तरह केदारनाथ धाम में गत वर्ष कपाट खुलने पर 18,335 तो इस वर्ष लगभग 29 हजार श्रद्धालु मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में कहीं ज्यादा श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिस कारण कुछ परेशानियां हो रही हैं, लेकिन इन्हें भी दूर करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यमुनोत्री धाम के जानकी चट्टी में कुल 15,455 श्रद्धालु थे जिनमें से आज सुबह 10 बजे तक कुल 4 हजार दर्शन भी कर चुके थे। गंगोत्री में 3902, केदारनाथ में सुबह 10 बजे तक 8194 एवं बद्रीनाथ में 4518 ने दर्शन किये।

गढ़वाल मंडल आयुक्त ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उनको सुरक्षित वापस पहुँचाना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर कुछ यात्रियों को यमुनोत्री व गंगोत्री मार्ग पर ठहराया भी जा रहा है। सूखी टॉप से लौटते समय व गंगनानी से आगे गेट सिस्टम लागू किया गया है। यहां पर सिंगल रोड है इसलिए भी ठहराव की व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन की ओर से तमाम वीडियोज भी शेयर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है और हम अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं देने का प्रयास कर रहे हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments