Monday, April 20, 2026
HomeUncategorizedश्री गरु राम राय विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसिडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी...

श्री गरु राम राय विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसिडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने सतत विकास लक्ष्यः चुनौतियाँ एवं प्रगति विषय पर एक दिवसीय सम्मेलन के सफल आयोजन पर शुभकामनाएँ प्रेषित कीं

श्री गरु राम राय विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसिडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने सतत विकास लक्ष्यः चुनौतियाँ एवं प्रगति विषय पर एक दिवसीय सम्मेलन के सफल आयोजन पर शुभकामनाएँ प्रेषित कीं

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के अंतर्गत भूगोल विभाग द्वारा “सतत विकास लक्ष्यः चुनौतियाँ एवं प्रगति” विषय पर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन विश्वविद्यालय के पथरीबाग परिसर स्थित सभागार में हाइब्रिड मोड में किया गया। सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं विशेषज्ञों ने सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, सामाजिक-आर्थिक विकास एवं सतत विकास लक्ष्यों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए तथा शोध-पत्रों के माध्यम से सहयोगात्मक अनुसंधान की संभावनाओं पर चर्चा की।
श्री गरु राम राय विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसिडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने सम्मेलन के सफल आयोजन पर शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, कुलपति एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ।
कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु निरंतर प्रयासरत है तथा ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच अकादमिक संवाद एवं नवाचार को प्रोत्साहित करते हैं। मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय की डीन प्रो. (डॉ.) प्रीति तिवारी ने सतत विकास को मानव समाज के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया। डीन छात्र कल्याण प्रो. (डॉ.) मालविका कांडपाल ने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक करते हैं। सम्मेलन की संयोजक डॉ. सुरेंद्र कौर रावल ने सम्मेलन की पृष्ठभूमि एवं उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि पद्मश्री सम्मानित पर्यावरणविद् प्रेम चन्द्र शर्मा ने रसायन-मुक्त खेती एवं जैविक कृषि को पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ समाज के लिए आवश्यक बताया। विशिष्ट अतिथि प्रो. (डॉ.) मोहन सिंह पंवार, विभागाध्यक्ष, भूगोल विभाग, एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय, ने हिमालयी क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन, घटती कृषि योग्य भूमि एवं जैव-विविधता संरक्षण की चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए। यूनिवर्सिटी ऑफ केलनिया, श्रीलंका की डॉ. के. एल. वात्सला गुणवर्धने ने सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु वैश्विक सहयोग, सशक्त नीतियों एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण की आवश्यकता बताई। थम्मासट विश्वविद्यालय, थाईलैंड के डॉ. मोहम्मद फहीम ने सतत विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारी एवं नवाचार को आवश्यक बताया। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की डॉ. महविश अंजुम ने कार्यस्थलों पर एर्गोनॉमिक समस्याओं एवं एआई आधारित समाधानों पर चर्चा की, जबकि एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के डॉ. हसीबुर रहमान ने जलवायु परिवर्तन एवं स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विचार रखे। सम्मेलन के दूसरे सत्र की अध्यक्षता करते हुए प्रो. (डॉ.) विजय कांत पुरोहित ने हिमालयी जैव-विविधता एवं औषधीय पौधों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।
सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में देश-विदेश के शोधार्थियों एवं विशेषज्ञों ने शोध-पत्र प्रस्तुत किए तथा सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण, नीति-निर्माण एवं सामाजिक सहभागिता जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम के अंत में संयोजक डॉ. सुरेंद्र कौर रावल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। सम्मेलन के सफल आयोजन में सह-संयोजक प्रो. गीता रावत, डॉ. शिल्पी जैन एवं सचिव डॉ. सुनील किश्तवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments