Thursday, April 23, 2026
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यह पहल केवल एक औपचारिक मदद नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत उदाहरण है, धन्यवाद श्री महाराज जी    

 

यह पहल केवल एक औपचारिक मदद नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत उदाहरण है, धन्यवाद श्री महाराज जी

 

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय ने धराली (उत्तरकाशी) आपदा प्रभावितों के लिए राहत एवम् खा़द्य सामग्री भेजी। 2 ट्रक सहित 4 वाहनों में राहत एवम् खाद्य सामग्री लेकर विश्वविद्यालय की टीम शुक्रवार सुबह रवाना हुई। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जब पूरा देश आजादी का जश्न मना रहा था, उसी समय श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय ने धराली (उत्तरकाशी) आपदा से पीड़ित परिवारों के जख्मों पर मरहम रखने का संकल्प लिया। मानवीय संवेदनाओं से ओत-प्रोत यह पहल शुक्रवार सुबह तब साकार हुई, जब कुलपति डॉ. कुमुद सकलानी और रजिस्ट्रार डॉ. लोकेश गंभीर ने राहत सामग्री से लदे वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कहा, “संकट की इस घड़ी में एसजीआरआर परिवार के सभी सदस्य पीड़ितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर सम्भव सहयोग करें। यह हमारा धर्म है, और हमारा कर्तव्य भी है।”

धराली में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा ने कई परिवारों को बेघर कर दिया, उनके घर, रोजगार और सपने बहा दिए। ऐसे में श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय और श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने न केवल राहत सामग्री भेजने का बीड़ा उठाया, बल्कि पीड़ितों को निःशुल्क उपचार और उनके बच्चों को कुछ चयनित पाठ्यक्रमों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने का भी वचन दिया।
उत्तरकाशी जिले के बड़कोट स्थित एसजीआरआर पब्लिक स्कूल के माध्यम से यह राहत सामग्री जिसमें दवाइयां, खाद्यान्न, कंबल, कपड़े और आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं, प्रभावित गांवों तक पहुंचाई जा रही है। एसजीअरआर पब्लिक स्कूल बड़कोट की प्रधानाचार्य कमला रावत और एसजीआरआर पब्लिक स्कूल पुरोला के प्रधानाचार्य उत्तम सिंह चैहान ने एडीएम उत्तरकाशी और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर राहत वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की। उत्तरकाशी जनपद के अन्तर्गत आने वाले एसजीआरआर ग्रुप के सभी संस्थानों के सभी केंद्रों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे राहत और बचाव कार्यों में हर संभव योगदान दें। यह पहल केवल एक औपचारिक मदद नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत उदाहरण है।
धराली की ठंडी हवाओं और टूटी छतों के बीच, यह राहत सामग्री पीड़ितों के लिए केवल सामान नहीं, बल्कि एक उम्मीद की किरण है, यह भरोसा कि वे अकेले नहीं हैं, पूरा एसजीआरआर परिवार उनके साथ खड़ा है।

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