Thursday, April 23, 2026
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उत्तराखंड का 65 प्रतिशत से अधिक भूभाग वनाच्छादित होने के कारण यहां मौनपालन की अपार संभावनाएं हैं। यह केवल शहद उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कृषि उत्पादकता को भी बढ़ाता है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उत्पन्न करता है    

 

उत्तराखंड का 65 प्रतिशत से अधिक भूभाग वनाच्छादित होने के कारण यहां मौनपालन की अपार संभावनाएं हैं। यह केवल शहद उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कृषि उत्पादकता को भी बढ़ाता है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उत्पन्न करता है

 

 

मंगलवार को कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने ऋषिकेश स्थित हनुमंतपुरम गंगा नगर में प्रदेशीय मौनपालन परिषद के उपाध्यक्ष गिरीश डोभाल के कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान मंत्री गणेश जोशी ने राज्यमंत्री गिरीश डोभाल को बधाई दी और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम‘ अभियान के तहत एक फलदार पौधे का रोपण भी किया।

इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि मौनपालन किसानों के लिए आय बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है। शहद और इसके सह-उत्पादों से जहां कास्तकारों को अतिरिक्त आमदनी हो रही है, वहीं पर-परागण के माध्यम से बागवानी फसलों की उत्पादकता और गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से मौनपालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उत्तराखंड का 65 प्रतिशत से अधिक भूभाग वनाच्छादित होने के कारण यहां मौनपालन की अपार संभावनाएं हैं। यह केवल शहद उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कृषि उत्पादकता को भी बढ़ाता है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उत्पन्न करता है। इस दौरान मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय मंत्री द्वारा प्रदेश की कृषि संबंधी योजनाओं हेतु लगभग रुपये 3,800 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति प्रदान करने पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार प्रकट किया।

कृषि मंत्री ने कहा कि वर्तमान में उत्तराखंड में लगभग 8000 मधुमक्खी पालक, 95000 कॉलोनियों का संचालन कर रहे हैं, जिससे 1900 टन वार्षिक शहद उत्पादन हो रहा है। बद्रीनाथ के वन तुलसी के शहद की अधिक डिमांड बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि शहद उत्पादन में उत्तराखंड का देश में 9वां स्थान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशनके अंतर्गत वैज्ञानिक पद्धतियों से मौनपालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों को सब्सिडी पर बी-बॉक्स और उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, और प्रशिक्षण शिविरों में महिलाओं व लघु कृषकों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि मौनपालन को डिजीटल प्लेटफार्म पर ले जाकर इसकी सम्पूर्ण जानकारी एकत्रित करने जैसे कार्यो पर भी भविष्य में जोर दिया जाऐगा।

कार्यक्रम के दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं ऋषिकेश विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर शंभु पासवान, राज्यमंत्री गिरीश डोभाल, निदेशक बागवानी मिशन महेंद्र पाल, संयुक्त निदेशक डॉ रतन कुमार, पूर्व जिलाध्यक्ष रविन्द्र राणा, बृजेश शर्मा, मंडल अध्यक्ष मनोज ध्यानी, मोनू शर्मा, पंकज गुप्ता, सुमित पंवार सहित कई लोग उपस्थित रहे।

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